हरियाणा सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए अगले पांच वर्षों में बड़े स्तर पर रोजगार मेले आयोजित करने की योजना पर काम कर रही है। इस योजना के तहत 2026-27 से 2030-31 तक कुल 1,150 रोजगार मेले आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन रोजगार मेलों के माध्यम से लगभग 44,500 युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
1.61 लाख युवाओं को मिलेगा लाभ
सरकार की योजना के अनुसार अगले पांच वर्षों में रोजगार मेलों के जरिए करीब 1.61 लाख युवाओं को लाभ पहुंचाया जाएगा। रोजगार मेलों में निजी उद्योगों और कंपनियों को शामिल कर युवाओं को उनकी योग्यता एवं कौशल के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। इससे युवाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन और चयन का अवसर मिल सकेगा।
हर साल आयोजित होंगे रोजगार मेले
योजना के तहत हर वर्ष रोजगार मेलों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2026-27 में 210 रोजगार मेले आयोजित कर 8,300 प्लेसमेंट और 30,750 प्रशिक्षित विद्यार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य है। वहीं 2027-28 में 220 मेले, 2028-29 में 230 मेले, 2029-30 में 240 मेले और 2030-31 में 250 रोजगार मेले आयोजित करने की योजना है।
| वर्ष | रोजगार मेले | लक्ष्यित प्लेसमेंट | लाभान्वित विद्यार्थी |
|---|---|---|---|
| 2026-27 | 210 | 8,300 | 30,750 |
| 2027-28 | 220 | 8,600 | 31,500 |
| 2028-29 | 230 | 8,900 | 32,250 |
| 2029-30 | 240 | 9,200 | 33,000 |
| 2030-31 | 250 | 9,500 | 33,750 |
| कुल | 1,150 | 44,500 | 1,61,250 |
सीईटी पास बेरोजगारों को ₹9,000 मासिक
योजना में सीईटी पास बेरोजगार युवाओं को भी आर्थिक सहायता देने का प्रावधान बताया गया है। पात्र युवाओं को ₹9,000 प्रतिमाह देने की योजना है। इसके साथ ही करियर एवं रोजगार मार्गदर्शन कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा, ताकि युवाओं को नौकरी की तैयारी, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों की जानकारी आसानी से मिल सके।
रोजगार और कौशल विकास पर जोर
सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार मेले आयोजित करना ही नहीं, बल्कि युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार करना भी है। इसके लिए स्कूलों और तकनीकी संस्थानों में व्यावसायिक शिक्षा तथा प्रशिक्षण पर जोर दिया जाएगा। निजी कंपनियों और उद्योगों के साथ समन्वय बढ़ाकर अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
इस पूरी योजना के लिए करीब ₹5,836 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया गया है। इससे आने वाले वर्षों में हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार, प्लेसमेंट, प्रशिक्षण और करियर मार्गदर्शन के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

